EXCLUSIVE: योगी आदित्य नाथ बोले,जातिवाद-परिवारवाद से मुक्त हुअा प्रदेश

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नई दिल्ली।

उत्तर प्रदेश के निकाय चुनाव में शानदार जीत दर्ज करके भाजपा ने जहां तगड़ी जीत से बढ़त हासिल कर ली है, वहीं गुजरात में भी मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस को भी अपने चुनावी पाले में खींच कर लड़ने को मजबूर कर दिया है। कांग्रेस के भावी अध्यक्ष राहुल गांधी जो पहले विकास को पागल बताते फिर रहे थे, वही अब जनेऊ दिखाते घूम रहे हैं। इधर, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बड़ी विनम्रता से जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह की रणनीति और उत्तर प्रदेश सरकार के कामकाज के ऊपर डालते हैं। वह कहते हैं कि उत्तर प्रदेश जातिवाद व परिवाद की जकड़न से मुक्त हो रहा है।

नेशनल ब्यूरो के डिप्टी ब्यूरो चीफ सुरेंद्र प्रसाद सिंह ने उनसे विस्तृत बातचीत की। पेश है उसका एक अंश…

सवाल: शहरी निकाय चुनाव में भाजपा के शानदार प्रदर्शन का श्रेय किसे देंगे? राजनीतिक तौर पर इसका कितना असर गुजरात के चुनाव पर पड़ेगा?

जवाब: देखिए, उत्तर प्रदेश को जातिवाद व परिवादवाद की राजनीति के निकालने के लिए प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व में हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी की रणनीति के तहत लड़ा गया। उत्तर प्रदेश का चुनाव नतीजा प्रधानमंत्री के विजन और राष्ट्रीय अध्यक्ष के संगठनात्मक कौशल की परिणति है। प्रधानमंत्री के आर्थिक सुधारों पर राज्य की जनता की ओर से लगाई गई मुहर है। आर्थिक सुधारों के क्षेत्र में जो कड़े कदम उठाये गये हैं, वे प्रदेश के हित में हैं। प्रदेश की पांच करोड़ की शहरी जनता ने उस पर मुहर लगाई है। यूपी के नगर निकाय चुनाव के परिणाम यह भी साबित करते हैं कि जो लोग जातिवाद व परिवारवाद की राजनीति करते रहे हैं, उन लोगों के लिए राजनीति में कोई जगह नहीं रह गई है।

सवाल: कांग्रेस के पुश्तैनी गढ़ अमेठी में उसे करारी हार मिली। इसके लिए क्या रणनीति अपनाई?

जवाब: खासतौर गुजरात के विकास पर जो सवाल उठा रहे हैं, इस चुनाव ने उन्हें जवाब दे दिया है। अपनी सीमाओं में रहो। उत्तर प्रदेश में कांग्रेस का पूरी तरह सफाया होना, खासतौर पर अमेठी की सीट भी कांग्रेस ने बचा पाई है, यह कांग्रेस के लिए एक सबक होना चाहिए। दरअसल, कांग्रेस के लोगों को जमीनी समझ नहीं है।

सवाल: निकाय चुनाव में बसपा का प्रदर्शन दूसरे विपक्षी दलों के मुकाबले बेहतर रहा, इसके क्या मायने हैं?
जवाब: बहुजन समाज पार्टी सोलह में से दो नगर निगमों में चुनाव जीती है। हम लोग इसका अवलोकन कर रहे हैं। लेकिन यह समाजवादी पार्टी के लिए खतरे की घंटी है। उसका परंपरागत वोट शिफ्ट हो गया है। और अगर यह शिफ्ट होता रहा तो समाजवादी पार्टी का सफाया होना तय है।

सवाल: निकाय चुनाव की सफलता का गुजरात विधानसभा के चुनाव में कितना असर पड़ेगा?
जवाब: गुजरात चुनाव में भारतीय जनता पार्टी की जीत में कोई संदेह नहीं है। वहां पर कांग्रेस ने सर्वाधिक समय तक शासन किया है, लेकिन वहां जो विकास हुआ है वह भाजपा ने किया है। मोदी जी जब सीएम थे जो काम किया है वह मानक बना है देश और दुनिया के लिए। कांग्रेसी शासन के कार्यकाल में 1995 से पहले वहां सड़कें नहीं थीं, बिजली नहीं, पेयजल और सिंचाई के पानी का भीषण संकट था। बुनियादी ढांचागत विकास की दिशा में कांग्रेस ने कुछ नहीं किया था। गुजरात में मोदी जी के आने के पहले कांग्रेस के जमाने में गुजरात में कानून व्यवस्था का बुरा हाल था, वहां गैंगवार हुआ करते थे। कोई व्यक्ति सुरिक्षत नहीं था। लेकिन वहां की सत्ता में भाजपा के आने के बाद राज्य में हर व्यक्ति को सुरक्षा की गारंटी दी गई।

सवाल: उत्तर प्रदेश शहरी निकाय चुनाव में भाजपा की इस जीत को धर्म की जीत मान रहे हैं या विकास की?
जवाब: देखिये, यह प्रधानमंत्री जी के विकास के विजन की जीत है। केंद्र और राज्य सरकार ने जो भी लोक कल्याणकारी कार्यक्त्रम लागू किये हैं, उन सभी कार्यक्त्रमों को पार्टी के द्वारा लोगों तक पहुंचाया गया। यह जीत उसकी सफल परिणति है।

सवाल: गुजरात विधानसभा चुनाव में जनेऊ पहनने, तिलक लगाने, मंदिर जाने और खुद को हिंदू बताने की होड़ लगी है, उसका कितना असर वहां के चुनाव पर पड़ेगा?
जवाब: देखिए, कांग्रेस की फितरत है विभाजन करना। देश के विभाजन से लेकर इस समाज को जाति, मजहब, भाषा और क्षेत्र में बांट करने को जो प्रवृत्ति कांग्रेस की रही है, उसी से वह हिंदुओं को बांटना चाहती है। जनेऊधारी और गैर जनेऊधारी के रूप में। जबकि हिंदुओं के लिए यह बहुत आवश्यक नहीं है। तिलक लगाता है नहीं लगाता है। जनेऊ धारण करता है, नहीं करता है। यह उसका विषय है। चोटी रखता है नहीं रखता है, यह उसका विषय है। लेकिन जो कहा जाता है न, नया मुल्ला ज्यादा प्याज खाता है। यह राहुल गांधी पर फिट बैठता है। जो पहले हिंदुओं को कोसते थे, हिंदुओं को अपमानित करते थे। हिंदुओं की तुलना लश्कर से भी घटिया स्तर पर करते थे, उन्हें आज हिंदू याद आने लगे हैं। मंदिर याद आने लगा है। जो भगवान राम और कृष्ण के अस्तित्व पर ही प्रश्न खड़ा करते थे। आज उन्हें मंदिर नजर आ रहे हैं। गुजरात का चुनाव विशुद्ध रूप से गुजरात के विकास की गौरव गाथा है। गुजरात का हर व्यक्ति प्रबुद्ध है, प्रगतिशील है और विकास के प्रति आग्रही है। वह मोदी जी और भारतीय जनता पार्टी के अलावा अन्य किसी पर विश्र्वास नहीं करता है।

सवाल: निकाय चुनाव के नतीजे को अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण का जनादेश कहा जाने लगा है। भाजपा के कुछ प्रमुख नेताओं का इस बारे में बयान भी आया है। आप इसे कैसे देखते हैं?

जवाब: देखिए, चुनाव में राम मंदिर कोई मुद्दा नहीं था। लेकिन तीन दिन बाद पांच दिसंबर से सुप्रीम कोर्ट में इस मामले पर डे टूडे आधार पर सुनवाई शुरु होने जा रही है। 1986 से लेकर आज तक अगर कोई समाधान नहीं निकला है, तो माननीय न्यायालय का इंतजार करना चाहिए। और मुझे लगता है समाधान की दिशा में यह मामला बढ़ रहा है।

सवाल: राज्य में सत्ता संभालते ही आपने पहला आदेश एंटी रोमियो स्क्वैड के गठन का दिया था। क्या इसमें कोई सफलता मिली है?

जवाब: पहले दो आदेशों में पहला था, यूपी में अवैध स्लाटर हाऊसों को बंद करने का था मैंने बंद किया। दूसरा एंटी रोमियो स्क्वैड के गठन का था, जिसके तहत हर थाने में एक इकाई है। इसके साथ महिला सशक्तिकरण के लिए भी कदम उठाये हैं। महिला हेल्प लाइन शुरु किया। 25 हजार से अधिक महिलाओं को स्वैच्छिक तौर पर इससे जोड़ा, जो महिलाओं की सुरक्षा में अपनी भूमिका सुनिश्चित करती हैं। जो गुंडा व अराजक राज्य बन गया था, उसे लाइन पर लाने में समय लगता है।

सवाल: गोबध की पाबंदी से राज्य में एक अलग तरह की समस्या पैदा हुई है। गांवों में झुंड के झुंड बछड़ों व अवारा पशुओं की फौज खेती को नुकसान पहुंचा रही है। सरकार इससे कैसे निपटेगी?
जवाब: यह कोई एक दिन में नहीं हुआ है। यह एक लंबी प्रक्रिया है। इसके लिए एक विशेष प्रोग्राम बनाये हैं, विशेषतौर पर अवारा पशुधन के लिए हर जिले में गोशाला बनाने की योजना है, जिसमें लोगों की मदद ली जाएगी। पशुधन में गोपशु की आधुनिक विज्ञान के प्रयोग से उसके नस्ल सुधार के साथ उसकी उत्पादकता बढ़ाई जाएगी। सौ ग्राम, दो सौ ग्राम और पांच सौ ग्राम वाले गोपशुओं की संख्या बहुत अधिक है। नस्ल सुधार से समस्या का समाधान संभव है।

सवाल: उत्तर प्रदेश में रोजगार सृजन की दिशा में क्या कुछ पहल की गई है?
जवाब: हमारी नई औद्योगिक नीति आ गई है। उत्तर प्रदेश में 21 व 22 फरवरी को इन्वेस्टर समिट करने जा रहे हैं। अक्तूबर में ग्लोबल इन्वेस्टर समिट करेंगे। टेक्सटाइल, एविएशन, फूड प्रोसेसिंग, आईटी समेत सभी क्षेत्रों की नई नीति तैयार की जा रही है, जो निवेशकों के अनुकूल होगी। राज्य का अपना लैंड बैंक वृहद स्तर पर बन रहा है। दो नये एक्सप्रेस वे बनाये जा रहे हैं, जिसमें एक पूवरंचल एक्सप्रेस वे और दूसरा बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे होगा। जेवर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बनाने जा रहे हैं। हर राज्य के सभी शहरों को हवाई मार्ग से जोड़ेंगे। कार्यवाही वृहद स्तर पर चल रही है।

सवाल: राज्य की बिगड़ैल ब्यूरोक्त्रेसी पर लगाम कसने की दिशा में आपकी सरकार क्या कर रही है?

जवाब: देखिए, यह तो लीडरशिप पर निर्भर करता है कि वह अफसरों से काम कैसे लेता है। हमारे यहां हर एक को मालूम है कि उत्तर प्रदेश में अब वही रह पायेगा जो काम करेगा। औपचारिकता निर्वाह के लिए वहां कोई रह नहीं सकता है। मुझे प्रसन्नता है कि पिछले आठ महीने में राज्य के ही प्रशासनिक अफसरों व कर्मचारियों ने उत्तर प्रदेश में बेहतर प्रदर्शन किया है। 86 लाख किसानों का कर्ज माफ किया है। 33 लाख राशन कार्ड धारकों को सस्ती दर वाले राशन मुहैया कराया है। 11 लाख गरीबों को प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान उपलब्ध कराया है। 20 परिवारों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दिये हैं। 1.53 करोड़ बच्चों को स्कूल के यूनिफार्म व अन्य शिक्षण सामग्री उपलब्ध कराई गई है।

सवाल: मोदी जी की लीडरशिप के बाद उत्तर प्रदेश के बाहर के राज्यों में आपकी भी मांग बढ़ रही है। आपकी लोकप्रियता राष्ट्रीय हो रही है। इसे आप कैसे देखते हैं?

जवाब: देखिए जब यूपी में चुनाव होता है तो दूसरे राज्यों के नेता यहां आते हैं और अब गुजरात में हो रहा है तो सभी राज्यों के नेताओं को वहां जाना पड़ता है। मैं पार्टी कार्यकर्ता हूं। हमे प्रदेश की 22 करोड़ जनता की सेवा का मौका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी ने दी है। मैं उसी को लेकर आगे बढ़ रहा हूं। राज्य की समृद्धि के लिए काम कर रहा हूं।

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