विश्वविद्यालय में तैयार होगी एंटी-रैगिंग फिल्म

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भागलपुर।

प्रथम वर्ष के छात्रों को कॉलेज जाने के पूर्व रैगिंग की चिंता सताने लगती है। खासकर मेडिकल, इंजीनिय¨रग व पॉलिटेक्निक कॉलेजों में रैगिंग की घटनाएं ज्यादा होती है। बड़े कॉलेजों में भी रैगिंग की घटनाएं होने लगी है। जिंदगी के हसीन ख्वाब बुनते वक्त छात्रों के जेहन में रैगिंग का जहर न घुल जाए, इसके लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने नेशनल फिल्म मेकिंग कंप्टीशन का तरीका निकाला है। देश भर के विश्वविद्यालय अन्य उच्च शिक्षण संस्थाओं के छात्र-छात्रएं या फैकल्टी एंटी-रैगिंग पर फिल्म बनाएंगे। कंप्टीशन में चयनित बेस्ट तीन फिल्मों को यूजीसी दस लाख रुपये का पुरस्कार देगा। छात्रों को जागरूक करने के लिए यूजीसी ने कंप्टीशन भी रखा है, इस उम्मीद के साथ कि छात्र रैगिंग के नुकसान को समझे। छात्र खुद इसका फिल्माकन करेंगे तो उनके व्यवहार में बड़ा बदलाव आ सकता है।

बहरहाल इस कंप्टीशन के लिए पाच से दस मिनट की शॉर्ट या फिर फिक्शन फिल्म बनेगी। छात्रों के साथ फैकल्टी भी हिस्सा ले सकती है। आगामी 30 नवंबर तक फिल्म बनाकर यूजीसी को भेजनी होगी। देश भर से आईं चुनिंदा फिल्म में बेस्ट फिल्म को पाच लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा। जबकि दूसरे नंबर की फिल्म को तीन और तीसरे स्थान की फिल्म को दो लाख रुपये से पुरस्कृत किया जाएगा। कंप्टीशन के बाद ये फिल्म यूजीसी की संपत्ति हो जाएंगी। वो इन्हें फिल्म मेकर के नाम के साथ अपनी वेबसाइट पर अपलोड करेगा। इसके बाद शिक्षण संस्थाएं जागरूकता कार्यक्रम के अंतर्गत छात्रों को दिखाएंगी। यूजीसी में अपर सचिव डॉ. पंकज मित्तल ने इस कंप्टीशन में भाग लेने का पत्र जारी किया है। पत्र मिलने के बाद विवि फिल्म बनाने पर विचार कर रही है। इसको लेकर एक कमेटी का गठन किया जा रहा है। फिल्म के जल्द बनने की संभावना है।

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