भगवान के चरणों में मन लगाएं, होगा कल्याण : शास्त्री

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नवादा।

गांधी इंटर विद्यालय में आयोजित श्रीमद्भगवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन मंगलवार की संध्या विद्वान कथावाचक पंडित गोखलेश जी शास्त्री ने कहा कि मानव जीवन का परम लक्ष्य इस माया रूपी बंधनों से निवृति। बहुत कृपा करके गो¨वद ने हमें मनाव का तन प्रदान किया है और इसमें एक विशेष वस्तु डाली है जिसका नाम विवेक है। यह विवेक रूपी नौका में सवार होकर मायारूपी भवसागर से पार हुआ जा सकता है। इसके लिए किसी उम्र, अवस्था और काल का भी प्रतिबंध नहीं है। आवश्यकता है भगवान के चरणों में अपना मन लगाने की। जब भगवान के चरणों में मन लग जाता है तो जैसे आचरणहीन व्याधा नन्हा सा बालक ध्रुव, पशुजीवन में रहा गजेन्द्र, दासीपुत्र विधुर, रूपहीन कुब्जा, अतिनिर्धन सुदामा जैसे भक्तों का कल्याण सम्भव हुआ है उसी प्रकार हर मानव का भी कल्याण होगा। इसलिए निरंतर गोविन्द को भजो। बता दें कि यह कथा सात दिनों तक आयोजित होनी है। 16 सितंबर को कथा का समापन होगा। कथा सुनने को लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। संगीतमयी कथा को सुनकर लोग भाव विभोभर हो रहे हैं।

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