सृजन घोटाले में एसआइटी का एक और बड़ा खुलासा

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भागलपुर।

13 सौ करोड़ के सृजन घोटाले में एसआइटी के जांच रिपोर्ट के मुताबिक जिला भू-अर्जन कार्यालय से सरकारी खाते में जमा होने वाला करीब 120 करोड़ सृजन के खाते में अवैध तरीके से ट्रांसफर कर दिए गए। चौंकाने वाली बात यह कि घोटालेबाजों ने 120 में से 48.44 करोड़ रुपये सृजन के खाते में हस्तांतरित करने के लिए अलग-अलग तिथियों में दो ही रेफ्रेंस नंबर का प्रयोग किया। आगे की जांच सीबीआइ कर रही है। आगे और भी खुलासे होंगे। जिला भू-अर्जन कार्यालय का एक खाता एक जुलाई 2014 को खोला गया था। घोटाला उजागर होने के बाद बैंक द्वारा जांच टीम को उपलब्ध कराए गए स्टेटमेंट में इस बात का जिक्र है कि सृजन संस्था के रेफ्रेंस नंबर 1/14427 से अलग-अलग तारीखों में करीब 31.17 करोड़ रुपये सरकारी खाते में हस्तांतरित करने के बजाए सृजन के खाते में डाल दिए गए। सबसे अधिक राशि का हस्तांतरण पांच अप्रैल 2016 को हुआ। इस दिन करीब 10 करोड़ रुपये हस्तांतरित किए गए। भू-अर्जन के ही खाते से कुल 63.57 करोड़ रुपये सृजन के खाते में ट्रांसफर हुए थे। इसमें से रेफ्रेंस नंबर 2/9232 के जरिए 13 किश्तों में 15.27 करोड़ रुपये का हस्तांतरण हुआ। इन राशियों के हस्तांतरण में बैंक और जिला प्रशासन के कर्मियों की मिली भगत थी। इस कारण किसी ने रेफ्रेंस नंबर पर ध्यान नहीं दिया। जांच में पता चला है कि रेफ्रेंस नंबर के लिए हर बार पत्र की फोटो कॉपी का प्रयोग किया गया। ये कॉपियां भीखनपुर के प्रेरणा प्रिटिंग प्रेस में प्रिंट होती थीं। इसका संचालक घोटाले के आरोप में अभी कैंप जेल में बंद है।

 

 

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