सड़क पर लगा स्कूल और बजी घंटियां

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भोजपुर ।

सड़क पर स्कूल, शिक्षा अधिकार आदोलन के पाचवे चरण के तहत इंकलाबी नौजवान सभा और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में भोजपुर जिला अंतर्गत संदेश थाना क्षेत्र के अजीमाबाद तथा अन्य गांव के सैकड़ों छात्र, नौजवान, अभिभावकों और युवा संगठन भगत सिंह युवा ब्रिगेड ने संदेश-अजीमाबाद मुख्य मार्ग पर अजीमाबाद बाजार के सड़क पर ही विधिवत स्कूल लगाया। सबसे पहले स्कूल में घटी बजने के साथ प्रार्थना, राष्ट्रगान,उसके बाद छात्र छात्राओं ने आजादी के 71 साल पूरे होने पर स्वतंत्रता आदोलन में शहीद हुए क्रातिकारियों को श्रद्धाजलि के साथ सड़क पर स्कूल में वर्ग आधारित शिक्षक बच्चों को पढ़ाने का काम किया।

सड़क पर स्कूल के दौरान बच्चों, अविभावकों को सम्बोधित करते हुए इनौस के राज्य अध्यक्ष मनोज मंजिल ने कहा कि आजकल नीतीश जी बड़े जोर शोर से चंपारण सत्याग्रह शताब्दी वर्ष मना रहे हैं। लेकिन आज़ादी के 71 साल के बाद भी सरकारी स्कूलों में बेंच, किताब, पुस्तकालय, पानी व शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाओं की बदहाल स्थिति होना सरकार के लिए बेहद शर्म की बात है। नीतीश राज्य में ग्रामीण शिक्षा व्यवस्था चौपट हो गया है।

स्कूलों में बुनियादी सुविधाओ का घोर अभाव है। पाठ्य पुस्तक, शिक्षकों की कमी, क्लास रूम, शौचालय, का घोर अभाव है। सरकार जानती है कि सरकारी विद्यालयों में गरीब दलित, किसान- मजदूर, शोषितों के बच्चे ही पढ़ते हैं। इसलिए इनके भविष्य की चिंता सरकार को नही है। सरकार शिक्षा के कॉरपोरेट परस्त नीति के तहत सरकारी विद्यालयों को पंगु बनाना चाहती है। जिससे दलितों , गरीबों, अपसंख्यकों, शोषितों, किसान-मजदूरों के बच्चों का मानसिक बौद्धिक हत्या कर उनको अपना वोट बैंक बनाए रखें। आइसा के राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन ने कहा कि दल बदलू सरकार को सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के भविष्य की बिल्कुल चिंता नहीं है। नीतीश कुमार ने भ्रष्टाचार के नाम पर लालू से गठबंधन तो तोड़ा, लेकिन जनादेश का अपमान करते हुए फिर देश की सबसे भ्रष्ट और साम्प्रदायिक पार्टी से जा मिले। इससे पता चलता है कि उन्हें सिर्फ और सिर्फ सत्ता प्यारी है। स्वच्छता,शराबबंदी के नशे में चूर मोदी और नीतीश सरकार को छात्र-युवाओं के भविष्य से कोई लेना देना नही है।

उसके बाद उपस्थित छात्र-छात्राओं ने शपथ लिया। हम सभी छात्र-छात्राएं बाबा साहेब डॉ अंबेडकर, शहीद.ए.आजम भगत सिंह और भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्री बाई फुले के नाम से शपथ लेते हैं कि हम अपने स्कूल में बेहतर पढ़ाई, गुणावत्तापूर्ण शिक्षा, अपने भविष्य और अपने सपनों के लिए छात्र-छात्राओं की एकता बनाकर लड़ेंगे और जीतेंगे। हम सरकार को अपने शिक्षा के मौलिक अधिकार, अपने अधिकार अपने भविष्य, अपने सपनों से खेलने नहीं देंगे। हम इस देश की नई पीढ़ी हैं। उसके बाद बच्चे अपने घर से लाए खाना भी खाया। स्कूल में बच्चों के हाथ मे किताब के साथ-साथ लाल झण्डा, अपने मागों के समर्थन में लिखे नारों के साथ-साथ अपने आदर्श भगत सिंह, अम्बेडकर, प्रथम महिला शिक्षिका साबित्री बाई फुले के विचार से लैस प्लेकार्ड भी थें।

सड़क पर स्कूल के दौरान इनौस के राज्य अध्यक्ष मनोज मंजिल,आइसा के राज्य सचिव शिवप्रकाश रंजन, इनौस के राज्य उपाध्यक्ष रविन्द्र यादव, इनौस नेता मनीर, रमेश चौधरी, सनोज कुमार ने सभा के माध्यम से मागे रखी।

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