गंडक नदी में फिर छोड़ा गया 1.76 लाख क्यूसेक पानी

0
219

गोपालगंज।

बाल्मिकी नगर बराज से गंडक नदी में पानी छोड़ने का सिलसिला शनिवार को भी जारी रहा। शनिवार को बाल्मिकी नगर बराज से 1.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ने से गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। इसके साथ ही कई गांवों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने को देखते हुए दियारा इलाके के गांवों में भय का माहौल बनने लगा है। इस बीच कुचायकोट के कालामटिहनिया पंचायत के विशंभरपुर गांव में कटाव भी तेज हो गया है। नदी कटाव करते हुए गांव से सौ मीटर की दूरी पर बह रही है। जिससे इस गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। ग्रामीण अपना सामान समेट कर गांव छोड़ कर पलायन करने की तैयारी में जुट गए हैं।

अगस्त माह के शुरुआत में गंडक नदी का बढ़ा जलस्तर घटने लगा था। लेकिन इधर कुछ दिनों से नेपाल के तराई इलाके में बारिश होने से बाल्मिकी नगर बराज से पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू होते ही फिर से गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। शनिवार को बाल्मिकी नगर बराज से 1.77 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। लगातार पानी छोड़ने से गंडक नदी का जलस्तर से दियारा इलाके के गांवों में खतरा बढ़ गया है। बाढ़ का पानी कई गांवों तक पहुंच गया है। जगीरा टोला, कटघरवां, छाप मकसूदपुर, मेहदिया, बली छापर, सलेमपुर आदि गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। सबसे अधिक खराब स्थित कुचायकोट प्रखंड के कालामटिहनिया पंचायत के विशंभरपुर गांव की बनी गई है। गंडक नदी की धारा कटाव करते हुए गांव से महज सौ मीटर की दूरी पर बह रही हैं। अब तक धान, मक्का, गन्ना की फसल सहित खेत नदी में विलीन हो चुके हैं। नदी के रुख को देखते हुए इस पूरे गांव के अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। गांव के बिल्कुल करीब नदी की धारा बहने से पूरे गांव में दशहत का माहौल है। हालांकि जिलाधिकारी राहुल कुमार के निर्देश गांव के आंगनबाड़ी केंद्र को बचाने कि लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए है। ग्रामीणों ने बताया कि कटाव को रोकने के लिए ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो गांव का अस्तित्व संकट में आ सकता है।

Facebook Comments

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here