टी.एम.बी.यू में जबरदस्त घोटाला, शक के दायरे में कई नामचीन

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संजीव मिश्रा, भागलपुर ।

भागलपुर, विश्वविद्यालय में पुरानी गाड़ी को नई स्कॉर्पियो, एस 10 बताकर खरीद करने में कई नामचीन लोग फंस सकते हैं । बात दरअसल यह है कि सस्ते कोटेशन के बदले महंगे कोटेशन पर गाड़ी खरीदी गई थी। साथ ही इसकी खरीद में तत्कालीन कुलपति डॉ. रमाशंकर दुबे की भी सहमति नहीं ली गई थी। मामले की जांच कर रही विवि की जांच कमेटी जल्द ही अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंपने वाली है। ज्ञात हो कि इस मामले को सबसे पहले हमारे BHAGALPUR NOW की टीम ने ही प्रमुखता से उठाया ।इसमे हमारे संवाददाता संजीव मिश्रा के अग्रणीय भूमिका रही ।पूर्व प्रतिकुलपति डॉ. एके राय के समय खरीदी गई स्कॉर्पियो नई नहीं थी। बल्कि यह सेकेंड हैंड खरीदी गई थी। इसका पता तब चला जब इस गाड़ी को भागलपुर स्थित सर्विस सेंटर में ले जाया गया। वहां जब चेचिस नंबर डाला गया तो पता चला कि इस गाड़ी के पहले खरीदार जमीन फुलवरिया जखबाबा के चंद्र प्रकाश थे। जबकि विवि द्वारा इसे नया बताकर खरीदा गया और खरीद में नई गाड़ी का मूल्य भी चुकता किया गया। मामला पकड़ में नहीं आए इसके लिए इसका पहला नंबर बीआर-10-टी-1268 को बदलकर बीआर-10-पीए-8591 करा दिया गया।सूत्रों के हवाले से यह पता चला कि इतना ही नहीं नई गाड़ी के लिए कोटेशन मंगाया गया तो 14 लाख रुपए का सबसे महंगा कोटेशन था। वहीं उससे कम कीमत वाला कोटेशन भी आया था। लेकिन सस्ते कोटेशन को छोड़ महंगे कोटेशन पर वह भी पुरानी गाड़ी खरीद ली गई। हालांकि यह दोनों कोटेशन के बीच कितना का अंतर था यह जांच रिपोर्ट जमा होने के बाद ही पता चल सकेगा। विवि द्वारा इस मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी की जांच तो पूरी हो गई है लेकिन कमेटी ने अभी तक अपनी रिपोर्ट नहीं दी है। अब देखना यह है कि इसमें किस बड़े-बड़े नामचीन का नाम आता है। और जाँच की दशा और दिशा किस ओर लेके जाती है।

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