संजीव मिश्रा , भागलपुर  , जहाँ एक ओर बिहार के मुखिया नीतीश कुमार समीक्षा यात्रा पर निकले हुए हैं, वही एक बड़ा घटना घटित हो गयी है, जिस वजह से  नीतीश कुमार की यात्रा फीकी पड़ गयी है।घटना है सहरशा जिले की  ।  बीते एक जनवरी से लापता संतोष जायसवाल का आठ वर्षीय पुत्र चिराग के लापता होने के बाद गुरुवार को घर से चंद कदम की दूरी पर रेलवे पटरी किनारे शव होने की सूचना पर पहचान के लिए गयी उसकी दो बहन निधि व मुस्कान व उसकी सहेली किशोर दास की पुत्री कोमल बगल से गुजर रहे हाइ वोल्टेज बिजली तार की चपेट में आ गयी ।दो मिनट के अंदर तीनों जिंदा जल गयी।मिली जानकारी के अनुसार  चिराग के लापता होने के बाद परिजन अपने स्तर से भी खोजबीन कर रहे थे। गुरुवार की सुबह खेलने आये कुछ बच्चों ने शव होने की बात कही ।अनहोनी की आशंका पर तीनों के अलावे घर में मौजूद उसकी कुछ अन्य सहेली दौड़ कर आयी । भाई का पैंट देख तीनों उसे निकालने के लिए उसमें कूद गयी । फिर क्या था ,बिजली का तार काल बनकर तीनों का इंतजार कर रही थी, की चपेट में आ गयी।  संयोगवश अपनी दुकान से खाना खाने जा रहे राजेश दास ने हल्ला सुन जब देखा तो सूझबूझ का परिचय देते अन्य को उधर जाने से रोक मामले की जानकारी बिजली विभाग व पुलिस को दी।  मामला आग की तरह शहर में फैल गयी। दुकानें स्वत: बंद हो गयी।इस घटना से गुस्साए  आक्रोशित लोगों ने शहर में कई जगह सड़क पर आगजनी कर व नारेबाजी कर अपना विरोध जताया।  वहीं यातायात पोस्ट पर रखे टेबल व कुर्सी को शंकर चौक पर आग के हवाले कर दिया। सूचना पर पहुंची गश्ती दल जो सअनि जयकृष्ण पांडेय के नेतृत्व में था, को लोगों के आक्रोश का कोपभाजन बनना पड़ा । लोगों ने पत्थरबाजी व लाठी से पुलिस बलों व वाहन पर हमला कर दिया । जिसके बाद सदर एसडीओ प्रशांत कुमार, सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी, सदर थानाध्यक्ष आरके सिंह ने मौके पर पहुंच लोगों को समझाना बुझाना शुरू किया। हालांकि समाचार लिखे जानेतक स्थिति जस की तस लेकिन नियंत्रण में है,  पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया है  ।

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