एस.के.गांधी,लखीसराय: जिले के मुख्य  न्यायिक दंडाधिकारी के न्यायालय ने आज जिले के वरीय उपसमाहर्ता सह प्रभारी जिला विघिक कोषांग  मुकेश कुमार एवं  लिपिक विधि शाखा सुरेंद्र कुमार के विरुद्ध भा.द.वि.धारा1६६/1६७/193/196/४71/120बी के तहत संज्ञान लेते हुए दोनों अभियुक्त को न्यायालय में उपस्थित होने हेतु समन निर्गत करने का आदेश देते हुए वाद का विचारन एवं निष्पादन करने हेतु प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी दिवाकर कुमार के न्यायालय में हस्तांतरण कर दिया है।

ज्ञातव्य है कि अपराधिक पुर्नरीक्षण वाद सं06/17 में माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश लखीसराय के न्यायालय से पारित आदेश के आलोक में अनुमंडल न्यायिक पदाधिकारी लखीसराय के न्यायालय ने बीते 11जनवरी 17 को पारित अपने आदेश मे उक्त दोनों अभियुक्त के विरुद्ध भा.द.वि. की उपरोक्त धाराओं में अपराध का दोषी पाते हुए मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी लखीसराय के न्यायालय में विभागीय परिवाद दाखिल करने हेतु आवेदन समर्पित किया गया था। जिस पर सुनवाई पाश्चात्य सी जे एम के न्यायालय ने विभागीय परिवाद संथ्या3सी2 अंकित करते हुए परिवाद पर संज्ञान लेते हुए अभियुक्तों को न्यायालय में तलब किया है।

वाद मे आगे की कारवाई दिवाकर कुमार के न्यायालय में होगी।

विघिक जानकारों के अनुसार संज्ञानित धाराओं में अभियुक्त को जेल का भी सफर करना पड सकता है।

 विदित हो इसमें सात साल की सजा प्रावधान है।

जानकारी हो कि अभियुक्त  एक लोकसेवक होते हुए अपने पदीय कर्तव्यों के र्निवहन में जान बूझकर न्यायालय के समक्ष मिथ्या व न्यायालय को दिग्ग भ्रमित करने वाला प्रतिवेदन समर्पित किया जो कानूनन दंडनीय अपराध है।

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