ज़ाहिद अनवर,दरभंगा:कहते है कि बारिश लोगो के लिए रहमत होती है लेकिन दरभंगा शहर के कुछ क्षेत्रों के लिए किसी बड़े मूसीबत से कम नही है। ताज्जुब की बात ये हैं कि ये मुसीबत पिछले कई वर्षो से लगातार चली आ रही है। इस समस्या का अबतक न तो कोई समाधान और न ही कोई हल हुआ बल्कि प्रशासन के द्वारा आश्वासन और सिर्फ आश्वासन अब तक मिलता रहा है। बीती रात और आज सुबह कुछ देर की बारिश ने दरभंगा शहर के कई वार्ड को डूबा दिया। मुहल्लों में जल-जमाव की खास वजह रही कि बारिश के मौसम में नालियों की उड़ाही तो नहीं हुई बल्कि नई नाली निर्माण को लेकर कई जगहों पर गड्ढे खोद दिए गए। ये काम बरसात से पहले पूरा नहीं हो सका। इसकी वजह से पानी का बहाव अवरुद्ध हो गया और पानी रूककर मुहल्लों में घुसने लगा। खासतौर से उर्दू बाजार, पुरानी मुंसफी, करमगंज, बंगाली टोला, दोनार के आस-पास शाहसुपन, न्यू बलभद्रपुर सहित कई मुहल्लों में बारिश का पानी लोगों के घर में प्रवेश कर गया। इस कारण लोगों को अपने सामान और चूल्हा-चौका चौकी पर शिफ्ट करना पड़ा। वार्ड 25 स्थित पुरानी मुंसफी की हालत तो बारिश के पानी से सबसे विकट हो गई है। घर के भीतर एक से डेढ़ फीट पानी घुस गया है। इसी तरह कादिराबाद में डब्ल्युआईटी सड़क, अलीनगर मुहल्ले में पानी का रेला बह रहा था। इससे उधर से गुजरने वाले वाहनों को परेशानी हो रही थी। सनद रहे कि दिल्ली मोड़ जाने वाली सड़क पर काम चल रहा है जिसकी वजह से लोग इसी सड़क होकर दिल्ली मोड़ जा रहे हैं। कुछ बुद्धिजीवी की बात माने तो इस समस्या का समाधान सिर्फ लोकतांत्रिक तरीका से विरोध, धरना प्रदर्शन उस समय तक करते रहना पड़ेगा जब तक इसका स्थाई निराकरण न हो जाए। एक पुरानी कहावत भी है कि जिस देश की जनता जागती रहती उस देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था बिल्कुल दुरुस्त रहती है।

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