ज़ाहिद अनवर,दरभंगा:जो सरकार सम्मान के साथ विकास की बात करती है उसी सरकार में रसोइया संघ लगातार आंदोलनरत है। क्या गरीबो और पिछड़ो का यही सम्मान है। राष्ट्रीय मध्याह्न भोजन रसोईया फ्रंट के द्वारा अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आज दरभंगा समाहरणालय को जाम कर घेराव किया। इस बीच घंटों आवागमन बाधित रहा। धरने के दौरान रसोईया संघ के कार्यकर्ता हाथों में छोलनी, छूरी, खाना बनाने वाला बर्तन लिए हुए थे। इस मौके पर आयोजित धरना को संबोधित करते हुए संगठन के संस्थापक रामकृपाल ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण एमडीएम योजना में कार्यरत रसोइयों की स्थिति वर्तमान समय में बंधुआ मजदूरों से भी बदतर हो गई है। धरना को संबोधित करते हुए संगठन के प्रदेश अध्यक्ष उमाकांत शंकर एवं प्रदेश मीडिया प्रभारी कृष्णकांत पांडे ने कहा कि भारत के प्रत्येक नागरिक को सम्मान पूर्वक जीने का अधिकार है। काम के बदले उचित मजदूरी का भुगतान करना सरकार की बाध्यता होना चाहिए। इस मौके पर रसोईया का दरमाहा दस हजार किए जाने की मांग की। इसके अलावा कार्यरत रसोइयों का बकाया मानदेय मई 2018 तक का भुगतान किए जाने, रसोइयों को विद्यालय से मनमाने तरीके से हटाने और प्रताड़ित करने पर प्रतिबंध लगाए जाने, काम के दौरान जलने या चोट लगने पर इलाज के लिए सहायता राशि उपलब्ध कराए जाने, मध्याह्न भोजन बनाने के लिए धुआं रहित चुल्हा उपलब्ध कराए जाने, सेवानिवृत्ति की उम्र तक पहुंच चुकी रसोइयों के खाली हो रहे, जगह पर परिवार के लोगों को रसोईया पद पर बहाल करने, रसोईया से मध्याह्न भोजन के अलावा दूसरा काम नहीं लिए जाने की मांग सरकार से की गई है। धरना को संबोधित करने वालों में जुलीदेवी, अजय मंडल, कंचन कुमार, सुनैना देवी, अरुण कुमार, अफसाना खातून, आशा देवी, अनीता देवी, शांति देवी, किरण देवी, श्यामा प्रसाद तिवारी, सुरेश राय, अरुण कुमार मंडल, मुन्नी देवी, कौशल्या देवी, अशरफ अंसारी, अंबिका देवी, लक्ष्मी देवी, बबीता देवी, प्रदीप झा, सीताराम यादव, शम्भु महतो, चरित्र पासवान, देवकांत पासवान, संगीता देवी, अरुण झा, अरुण पासवान, जयप्रकाश, रामप्रवेश, शिवदत्त पासवान, देवकांत राय आदि शामिल थे।

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