इंदू गुप्ता ने परिजन के नाम से भी खरीदी है लाखों की संपत्ति

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भागलपुर।

14 सौ करोड़ रुपये से ज्यादा के सृजन घोटाले में फंसे पूर्व जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार की पत्‍‌नी इंदू गुप्ता ने परिजन के नाम से भी लाखों की संपत्ति खरीदी है। इसकी जानकारी घोटाले की जांच कर रही सीबीआइ को भी मिल गई है। गौरतलब है कि जांच एजेंसी ने अरुण कुमार और इंदू गुप्ता के विरुद्ध सीबीआइ की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इंदू गुप्ता के खिलाफ घोटाले में शामिल होने के स्पष्ट प्रमाण मिले हैं।

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एसआइटी ने रिश्तेदार से की थी पूछताछ

इंदू गुप्ता मुंगेर के एक रिश्तेदार के साथी के घर असम में शरण लिए हुए है। उक्त रिश्तेदार को एसआइटी ने तीन दिन तक हिरासत में रख कर पूछताछ की थी मगर इंदू गुप्ता सामने नहीं आई। गौरतलब है कि 14 अगस्त को एसआइटी ने एसएसपी मनोज कमार के नेतृत्व में अहले सुबह अरुण कुमार गुप्ता के डीआइजी कार्यालय के समीप श्याम कुंज अपार्टमेंट के फ्लैट में छापेमारी की थी। अरुण को तो एसआइटी ने गिरफ्तार कर लिया मगर इंदू गुप्ता पुलिस को चकमा देकर जेवरात, कागजात और रुपयों से भरा बैग लेकर फरार हो गई थी।

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मनोरमा से थे मधुर संबंध

इंदू गुप्ता का संबंध मनोरमा देवी से भी काफी मधुर रहा था। इंदू का उसके घर काफी आना जाना था। इसके अलावा लगातार वे लोग फोन से भी संपर्क में रहते थे। मनोरमा देवी कई बार इंदू गुप्ता के फ्लैट पर भी गई थी। इसके अलावा मनोरमा का ड्राइवर अंसार भी कई बार अरुण गुप्ता को फ्लैट पर चेक और जेवरात पहुंचाने जाता था। इस बात का खुलासा पूर्व में एसआइटी की जांच में हुआ है। वहीं सीबीआइ ने भी अपनी जांच में पाया है कि सृजन के आरोपितों द्वारा इंदू गुप्ता के खाते में करोड़ों रुपये डाले गए हैं। इसका प्रमाण सीबीआइ और एसआइटी के पास है।

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रिश्तेदारों का पता लगा रही सीबीआइ

घोटाले की राशि की बंदरबांट करने वाले अरुण और इंदू गुप्ता के उन रिश्तेदारों का पता सीबीआइ लगा रही है, जिसके नाम पर इन लोगों ने रुपये जमा किए हैं या उनके नाम पर संपत्ति की खरीद की है। मुंगेर के एक रिश्तेदार से सीबीआइ जल्द ही पूछताछ कर सकती है। हालांकि एसआइटी पूर्व में हिरासत में लेकर उससे पूछताछ कर चुकी है।

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